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नई दिल्ली। 

रेप केस में 20 साल की सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम के सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के हेडक्वार्टर में आज दूसरे दिन शनिवार को भी तलाशी ली जाएगी। पहले दिन तलाशी के बिना लेबल के कई ब्रांडेड दवाइयां, एक ओबी वैन, सात हजार रुपये के बंद हो चुके नोट, आलीशान फर्नीचर, ड्रेसिंग टेबल, महंगे पर्स, बेशकीमती अंगूठी, 1000- 1500 जोड़ी जूते, पुलिस को दीवार के पीछे कबड़ मिले जिसमें करीब तीन हजार जोड़ी कपड़े टंगे हुए मिले। इसके अलावा 2 रूम कैश से भरे मिले जिसे सील कर दिया गया। इसके अलावा और भी कई चौंकाने वाले सामान बरामद हुए हैं। जिससे पता चलता है कि राम रहीम ने डेरे को अय्याशी का अड्डा बना दिया था। 

 डेरा सच्चा सौदा के किले में पुलिस ने पूरी दिन तलाशी अभियान चलाया है और पहले दिन ये तलाशी अभियान पूरा भी नहीं हो पाया है। लेकिन पहले दिन ही जो जो मिला वो राम रहीम का असली रूप दिखाने के लिए काफी है। डेरे का क्षेत्रफल काफी लंबा और बड़ा होने की वजह से सर्च टीम को राम रहीम की जड़ें खंगालने में अभी और भी वक्त लग सकता है।आपको बता दें कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय में सर्च ऑप्रेशन के आदेश दिये हैं। हाईकोर्ट की ओर से नियुक्त किए गए कोर्ट कमिश्नर एके पंवार के नेतृत्व में जांच टीम इस काम को अंजाम देने में जुटी है। 

पढ़ें पहले दिन सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस को क्या-क्या मिला है।
1- कंप्यूटर और हार्ड डिस्क ड्राइव 
2- कई लग्जरी कारें बिना नंबर प्लेट के। बताया जा रहा है कि जिन लग्जरी गाड़ियों में राम रहीम जाता था उन कारों में नंबर प्लेट नहीं होती थी।
3- 60 लाख रुपये की लेक्सेस गाडी भी मिली है जिस पुलिस अपने साथ ले गई है। अब ये जांच की जा रही है कि ये गाड़ी किसके नाम पर थी। 
4- पुलिस को बिना लेबल के कई ब्रांडेड दवाइयां भी मिली हैं। 
5- एक ओबी वैन
6- सात हजार रुपये के बंद हो चुके नोट
7- 12 हजार रुपये नकद 
8- आलीशान फर्नीचर, ड्रेसिंग टेबल
9- महंगे पर्स, बेशकिमती अंगूठी
10- 1500 जोड़ी जूते
11- पुलिस को दीवार के पीछे कबड़ मिले जिसमें करीब तीन हजार जोड़ी कपड़े टंगे हुए मिले।
12- तलाशी के दौरान 2 रूम कैश से भरे मिले, जिसे सील कर दिया गया है। 
13- डेरा हेडक्वॉर्टर के पास के बाजार में प्लास्टिक के बने सिक्के भी मिले हैं। ये सिक्के 10 रुपये से लेकर अलग-अलग मूल्यों के हैं। 
14- तलाशी के बाद बाबा की गुफा से 5 लोग मिले हैं, जिनमें से 2 नाबालिग और 3 बालिग हैं। दो नाबालिग बच्चों को बाल संरक्षण टीम को सौंप दिया गया व अन्य तीन को पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया है।
15- गुफा से एक वॉकी टॉकी भी मिला है। 
16- सर्च अभियान के दौरान वन विभाग की टीम को भी बुलाया गया, जिसके चलते डेरे में कई जानवर मिले। इनमें हिरण, मोर आदि वन्य प्राणी शामिल हैं। सर्च ऑपरेशन के दौरान डेरा परिसर में वन्य प्राणी देखे गए। 

खुदाई के लिए ट्रैक्टर-जेसीबी भी तैनात
डेरा में संभावित खुदाई की जरूरत को देखते हुए 36 ट्रैक्टर ट्रॉली, 10 जेसीबी और तीन दर्जन रोडवेज बसें तैनात हैं। पूरा सर्च ऑपरेशन कैमरों की नजर में हो रहा है। इसके लिए 60 वीडियोग्राफर भी हायर किए हैं। 100 से ज्यादा मजदूरों को भी लगाया गया है। 

डेरे को कई सेक्टरों में बांटा गया
सर्च ऑपरेशन की कमान जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजों से निपटने में माहिर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के प्रशिक्षित जवान संभाल रहे हैं। सर्च ऑपरेशन के लिए डेरे के क्षेत्र को 10 सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर के लिए अलग-अलग ड्यूटी मजिस्ट्रेट व सर्च टीम लगाई गई है। हर सेक्टर में सर्च ऑपरेशन को एक-एक एसपी लीड कर रहा है। पुलिस की हर टीम में 50-50 सदस्य हैं। टीमों के साथ डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता भी हैं। प्रत्येक टीम के साथ एक जनप्रतिनिधि व बैंक अधिकारी भी मौजूद हैं। सर्च अभियान की पूरी वीडियोग्राफी हो रही है। छह आइपीएस अधिकारी भी इस ऑपरेशन में शामिल हैं। बताया जाता है कि तलाशी हरियाणा पुलिस की टीमें कर रही हैं और अर्द्धसैनिक बलों के जवान सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सुरक्षा की दृष्टि से डेरा के आसपास 16 नाके बनाए गए हैं ताकि कोई भी व्यक्ति डेरा की ओर प्रवेश न कर सके। सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा के लिए पैरा मिलिट्री फोर्सेस की 41 कंपनियां तैनात की गई हैं। इनमें बीएसएफ की 2, आईटीबीपी की 5, सीआरपीएफ की 20, एसएसबी की 12 और आरएएफ  की 2 कंपनियां शामिल हैं। आर्मी के 4 कॉलम और 4 जिलों की पुलिस फोर्स भी मौजूद है। एक डॉग स्क्वॉड और 40 स्वैट कमांडों की टीम की भी तैनाती की गई है। 7 आईपीएस और 100 इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर भी बुलाए गए हैं। इतना ही नहीं सुरक्षा के लिए बम निरोधक दस्ता भी मौके पर तैनात है। इसके अलावा 40 स्वैट कमांडो भी तैनात किए गए हैं।

मोबाइल इंटरनेट सेवा 10 तक बंद
डेरा में शुरू हुए सर्च ऑपरेशन में सुरक्षा की दृष्टि से सिरसा जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवा तथा एसएमएस सेवा पूरी तरह से ब्लॉक कर दी गई है। हालांकि वॉयस कॉल पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई गई है।  यह रोक 10 सितंबर तक जारी रहेगी। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यह सेवा किसी अफवाह से बचने के दृष्टिगत लगाई है, जो फिलहाल 10 सितंबर तक जारी रहेगी।

मीडिया को रखा जा रहा दूर
इस संवेदनशील जांच प्रक्रिया में जहां प्रशासन अपने लंबे चौड़े काफिले के साथ बारीक से बारीक जांच कर रहा है, वहीं इस जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का अवरोध पैदा न हो, इसके लिए पूरी कड़ी व्यवस्था की गई है। इसमें मीडिया जगत को शाह सतनाम सिंह चौक पर ही रोका गया है और उन्हें ब्रीफिंग की सुविधा के लिए लोकजन संपर्क विभाग के उपनिदेशक सतीश मेहरा को अधिकृत किया गया है जो जांच प्रक्रिया के संबंध में थोड़े थोड़े समय बाद मीडिया से रूबरू हो रहे हैं।

सतीश मेहरा के मुताबिक डेरा मुख्यालय की तलाशी के लिए पूरे डेरा को 10 जोन में बांटा गया है। इस सर्च ऑप्रेशन में बैंक कर्मचारी, इंकम टेक्स विभाग के अधिकारी, ताला तोडऩे में माहिर 22 लोगों के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों में छह आईपीएस, अन्य जिलों से नियुक्त किए गए करीब 6 डीएसपी, सेना, आईटीबीपी एवं सीआरफीएफ के अधिकारी अपना योगदान दे रहे हैं। सरकारी प्रवक्ता सतीश मेहरा के मुताबिक प्रशासनिक अधिकारियों ने जांच प्रक्रिया के तहत डेरा के दो कमरों को सील किया है।

इन कमरों से कई कंप्यूटर सैट व हार्ड डिस्क भी बरामद की गई है। इसके अलावा दो अन्य कमरों में काफी करंसी मिली है जिसकी गिनती बैंक कर्मचारियों द्वारा की जा रही है। आयकर विभाग के अधिकारी भी इस राशि को लेकर कार्रवाई में जुटी है। ये करंसी कितनी है, इस बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी गई है। रूड़की स्थित फॉरेंसिक प्रयोगशाला की एक विशेष टीम भी सर्च ऑप्रेशन में शामिल है।

सर्च अभियान में किसी प्रकार की हिंसा को रोकने के लिए प्रशासन ने 41 कंपनियां तैनात की हैं जिसमें से सीआरपीएफ की 20, सशस्त्र सुरक्षा बल की 12, आईटीबीपी की 5, बीएसएफ की 2 एवं आरएएफ की 2 कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा विशेष कमांडो दस्ते वाली स्वाट एवं एक बम निरोधक दस्ता टीम भी तैनात है। डॉग स्कवायड की 9 टीमें हैं। सतर्कता के आधार पर प्रशासनिक तंत्र ने शहर में नैट सेवा भी बंद करवा दी जिससे जिओ नेटवर्क लिए हुए लोगों को काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि ये सेवाएं 10 सितंबर तक बंद की गई हैं।

कोतूहल में हैं लोग
डेरा सच्चा सौदा की ओर जाने वाले मार्ग को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। इसी रूट पर पडऩे वाले गांवों से आने और जाने वाले लोगों के लिए रूट डायवर्ट किया गया है। इस मार्ग पर डेरा से आगे बसे हुए गांवों तक जाने के लिए लोग रंगड़ी व धिंगतानिया आदि गांवों से होकर गुजरने वाले मार्ग का प्रयोग कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर शहर में शुक्रवार को हर तरफ इस सर्च ऑप्रेशन को लेकर चर्चाओं में रहे। लोग समूह में ही अपने अपने स्तर पर विभिन्न कयास लगाते रहे। चौक चौराहों पर खड़े लोगों में सुबह से ही इस ऑप्रेशन को लेकर कोतूहल की स्थिति देखी गई।