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भारत में प्रकृति को एक जीवनदायिनी के रूप में देखा जाता है। इसी वजह से आदि काल से ही भारत को मातृभूमि कहा जाता है। और इसके साक्ष्य वेदों में भी देखने को मिलते हैं। वैसे तो हिन्दुस्तान को भारत, इंडिया, आर्यावर्त और रीवा जैसे नामों से भी जाना जाता है लेकिन सभी नामों का अर्थ अलग-अलग होता है। फ़िर भी हम भारत को ‘मां’ ही पुकारते हैं। ऐसे में सबसे महत्वपूर्ण सवाल है कि भारत को ‘माता’ क्यों कहा जाता है?

मां शब्द सम्मान के लिए है
पृथ्वी पर रहने वाले सभी प्राणियों में सबसे ख़ास बात है कि उनका जुड़ाव मां से अधिक रहता है। इसी वजह से लोग देश को मां का दर्जा देते हैं। यहां लोगों के पास जीने की तमाम सुविधाएं रहती हैं।

भारत ‘माता’ क्यों, ‘पिता’ क्यों नही?

‘आदि काल से ही भारत को मातृभूमि कहा गया है। इसके साक्ष्य वेदों मेंभी मिलते हैं। अथर्व वेद के श्लोक में मातृभूमि का स्पष्ट उल्लेख है।हालांकि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखित वंदेमातरम ने मातृभूमिकी अवधारण को और बल दिया।’