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वाराणसी। 

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने शनिवार को सर्किट हाउस पर सचल कंप्‍यूटर पाठशाला का उद् घाटन किया। इसके बाद वह बीएचयू आइआइटी के 100 साल पूरे होने पर आयोजित शताब्‍दी समारोह में हिस्‍सा लेने बीएचयू स्थित स्‍वतंत्रता भवन पहुंचे। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सर्किट हाउस में शनिवार को बड़ी बस में निर्मित 'वल्र्ड ऑन व्हील' एक सचल कंप्‍यूटर पाठशाला को लोकार्पित करते हुए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सीएसआर फंड के अंतर्गत एचपी इंडिया व जूबिलेंट कार्पोरेशन के सहयोग से सेवा भारती द्वारा संचालित सचल पाठशाला वातानुकूलित व डिजिटल शिक्षण सुविधाओं से सुसज्जित है। इसका उपयोग ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शिक्षण, डिजिटल लिटरेसी व कौशल विकास में किया जाना है। 

सीएम ने सचल पाठशाला के अंदर उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया। इस दौरान बस के हाईटेक सुविधाओं को खुद परखा। कंप्‍यूटर चलाया तो कान में लगाकर शिक्षण सामग्री से परिपूर्ण आडियो सुना सुना। हाईटेक सुविधाओं ने उनका मन गदगद कर दिया। सीएम ने बस में लगे हाईटेक बोर्ड पर उंगलियों से दो शब्द 'प्रधानमंत्री जी के डिजिटल इंडिया को साकार करती बस सेवा के लिए एचपी एवं सेवा भारती को बधाई एवं भावमय शुभकामना' भी लिखे। इस मौके पर एवीपी कार्पोरेट सोशल रिसपोंसीबिलिटी जूबिलेंट भारतीय फाउंडेशन के विवेक प्रकाश ने बस में उपलब्ध सभी सुविधाओं की जानकारी सीएम को दी। बताया कि 'वल्र्ड ऑन व्हील' एक ऐसी पाठशाला है जिसमें आप घूमते-फिरते पढ़ाई कर सकेंगे। कक्षा एक से लेकर 12 तक की सभी बोर्ड की पढ़ाई होगी। सभी आयु वर्ग के लिए यह सुविधा मुफ्त में मिलेगी। इसमें केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, आइसीएससी व यूपी बोर्ड की कक्षा एक से 12 तक की शिक्षण सामग्री हिंदी व अंग्रेजी माध्यम में उपलब्ध है। आडियो, वीडियो व एनिमेशन द्वारा शिक्षा को रुचिकर बनाते हुए अत्याधुनिक पद्धति की शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई गई है। इसका उपयोग सचल डिजिटल सेवा केंद्र के रूप में भी हो सकता है।

बस का संचालन सेवा भारती समिति वाराणसी करेगी जिसके अध्यक्ष राजकुमार सेठ, महामंत्री वैभव कपूर, उपाध्यक्ष अमित कुमार अग्रवाल, कोषाध्यक्ष राजेश शाह हैं। वैभव कपूर एवं अमित अग्रवाल के संयोजन में पढ़ाई के लिए एक दक्ष टीम का गठन किया गया है। कार्यक्रम का लक्ष्य छह वर्षों में 15 मिलियन से अधिक लोगों को प्रभावित करते हुए 6400 गांवों तक पहुंचने का है। इसे सौर ऊर्जा सिस्टम स्थापित किया गया है जिससे हाईटेक उपकरण संचालित होंगे। लोकार्पण के अवसर पर प्रदेश के राज्यमंत्री अनिल राजभर, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, कौशलेंद्र सिंह आदि मौजूद थे। 

 

 इसके बाद मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ्‍ आइआइटी, बीएचयू पहुंचे, जहां उन्‍होंने भावी इंजीनियरों को संबोधित किया। समारोह में ग्लोबल एल्‍युम‍िनी एसोसिएशन के चेयरमैन नितिन मल्होत्रा, आइआइटी के निदेशक प्रो. पीके जैन व गुजरात के पूर्व विधायक सुनील भाई ओझा भी मौजूद रहे।

 

  आइआइटी संस्थान अपना सौवां स्थापना दिवस मना रहा है। महामना पंडित मदनमोहन मालवीय ने 1919 में बीएचयू इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना की थी। आइआइटी बीएचयू में 2018 में तात्कालीन निदेशक ने शताब्दी वर्ष समारोह का उद्घाटन किया था। इसके तहत विभिन्न विभागों में स्पेशल गेस्ट लेक्चर और खेलकूद की प्रतियोगिताओं का आयोजन वर्ष पर्यंत चलतर है जो 2020 में संपन्न होगा।