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नई दिल्ली। 

राफेल डील पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी की तरफ किए जा रहे हमले पर बीजेपी ने एक साथ कई ट्वीट कर पलटवार करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले राहुल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार पर 59 हजार करोड़ रुपये की इस डील को लेकर सवाल खड़े किए है।

इस बीच नई रिपोर्ट ने राहुल गांधी को हमला करने का एक नया हथियार दे दिया है। इस रिपोर्ट में यह कहा गया है कि प्रधानमंत्री ऑफिस ने राफेल डील पर फ्रांस सरकार के साथ समानांतर बातचीत की थी। जिसके बाद रक्षा मंत्रालय ने इसके विरोध में कहा था कि पीएमओ ने भारत की डील कर रही टीम की स्थिति को कमजोर किया है।

एक अखबार में छपी खबर के बाद राहुल ने फिर से राफेल डील पर ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (जेपीसी) जांच की मांग की थी। भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को अपने बचाव में दस प्वाइंट्स ट्वीट किए।

बीजेपी ने ऑफिशियल हैंडल से ट्वीट किया- “एक तरफ जहां आप दिन की शुरुआत ईमानदारी और मेहनत के साथ करते हैं तो वहीं #LiarRahulGandhi झूठी बातों की तैयारी कर रहे होते हैं। उनके हर झूठ को पकड़ना कठिन है लेकिन राफेल पर उनके झूठ को पकड़ने का हमने प्रयास किया।”

ट्वीट में कहा गया कि “Lie No.1: #LiarRahul फ्रांस मीडिया की कुछ रिपोर्ट को ट्वीस्ट देते हुए कहा इस डील पर सवाल उठाया जबकि हकीकत ये है कि सुप्रीम कोर्ट और दसॉल्ट सीईओ ने कहा कि भारत सरकार की ऑफसेट पार्टनर्स को चुनने में कोई भूमिका नहीं थी।”

इसमें आगे कहा गया कि “Lie No.2: #LiarRahul इसमें गलत अफवाह फैलाने के लिए कहा कि सुप्रीम कोर्ट में भारी अनियमितताएं मिली। न्यायाधीन मामलों पर उन्होंने थर्ड ग्रेड लेवर का प्रोपगेंडा किया।”

सत्ताधारी ने फोटोग्राफ्स, वीडियोज और डॉक्यूमेंट्स करते हुए यह बताया गया कि भारत और फ्रांस के बीच साल 2016 में 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को लेकर किए गए दस्तखत को लेकर राहुल गांधी के हमले में खामियां है।

इसमें उस अखबार के ऊपर भी हमला किया गया है जिसमें यह दावा किया गया- 24 नवंबर 2015 के रक्षा मंत्रालय के नोट के हवाले से यह कहा गया कि राफेल डील में पीएमओ की दखल के चलते इसका फायदा फ्रांस को मिला और भारत की डील कर रही टीम का पक्ष कमजोर हुआ।