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नई दिल्ली। 

लोकसभा चुनाव में अब कुछ ही दिन बचे और सियासी पार्टियां एक दूसरे पर वार-पलटवार करने का सिलसिला छेड़ चुकी हैं। कोई मौजूदा भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री मोदी को उनके वादा याद दिला रहा है तो कोई पार्टी उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही है।

इसी सिलसिले में सोमवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू दिल्ली स्थित आंध्र भवन में धरना दे रहे हैं। लेकिन उनका ये धरना अब विवादों में आ गया है। यहां धरनास्थल पर लगे एक प्लेकार्ड को लेकर भाजपा ने विपक्षी पार्टी पर निशाना साधा है। भाजपा ने इस प्लेकार्ड पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि क्या इस देश में गरीब होना अभिशाप है?

भाजपा नेता अमित मालवीय ने इस मामले पर ट्वीट कर एक वीडियो भी जारी किया है। जिसमें प्लेकार्ड पर लिखा है, 'जिसके हाथ में चाय का झूठा कप देना था, उसके हाथ में जनता ने देश दे दिया।' मालवीय ने लिखा कि विपक्षी पार्टियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बैकग्राउंड को लेकर हमेशा निशाना साधती हैं। उन्होंने लिखा कि क्या पिछड़ी जाति का होना या गरीब होना अभिशाप है? 

 
Embedded video
Amit Malviya
 
@amitmalviya

‘जिसके हाथ में चाय का झूठा कप देना था, उसके हाथ में जनता ने देश दे दिया’।

Placard at AP Bhavan where Chandrababu Naidu is apparently sitting on protest...

Opposition never misses an opportunity to target PM’s humble social origins. क्या पिछड़ी जाती का और ग़रीब होना अभिशाप है?

गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर तेलगु देशम पार्टी (TDP) प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू अपने समर्थकों के साथ आंध्र भवन में एक दिवसीय भूख हड़ताल पर बैठे हैं। सुबह उनसे यहां कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी मिलने आए हैं। राहुल ने इस मंच से प्रधानमंत्री मोदी पर भी निशाना साधा और कहा कि ये कैसे प्रधानमंत्री हैं, जो जनता से किया वादा नहीं निभाते हैं। 

 

इससे पहले रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के गुंटूर में जनसभा की थी। यहां उन्होंने चंद्रबाबू नायडू पर तीखे हमले बोले थे और उन्हें धोखा देने वाला नेता करार दिया था। प्रधानमंत्री ने कहा था कि आप (चंद्रबाबू नायडू) दल बदलने और गठबंधन करने में सीनियर हैं, ससुर की पीठ में छुरा भोंपने में सीनियर हैं, चुनाव-दर चुनाव हारने में सीनियर हैं।