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मुंबई।

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CMST) के पास एक फुटओवर ब्रिज गिर गया, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 33 अन्‍य घायल हो गए। हादसा गुरुवार शाम करीब 7.30 बजे हुआ। इस हादसे के बाद सियासत शुरु हो गई है। राजनीतिक दल एक दूसरे पर आऱोप लगा रहे हैं। कांग्रेस ने मुंबई में एक फुटओवर पुल के ढहने की घटना पर बृहस्पतिवार को दुख जताया और कहा कि बार बार हो रहे इस तरह के हादसों की जिम्मेदारी लेते हुए रेल मंत्री पीयूष गोयल को इस्तीफा देना चाहिए या फिर उन्हें बर्खास्त किया जाये।

रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा कि मुंबई ब्रिज हादसे के बारे में सुनकर दुख हुआ। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। उन्होंने कहा, आशा करता हूं कि प्रशासन त्वरित कदम उठाएगा और घायलों को तत्काल चिकित्सा मदद मुहैया कराएगा। उन्होंने हाल के कुछ वर्षो में फुटओवर पुलों के ढहने की घटनाओं का हवाला देते हुए आरोप लगाया, बार बार हो रहे इस तरह के हादसों के लिए मोदी सरकार और महाराष्ट्र सरकार जिम्मेदार है। सुरजेवाला ने कहा, 'ऑडिट से जुड़े रेल मंत्री के बड़े बड़े दावे बार बार गलत साबित हुए हैं। पीयूष गोयल को इस्तीफा देना चाहिए या फिर उन्हें बर्खास्त किया जाए।

Randeep Singh Surjewala ✔

@rssurjewala

Modi Govt & Mah. Govt are criminally culpable for inaction leading to repeat tragedies-: 29/9/2017-Elphistone Stampede. 3/7/2018-Andheri Bridge Collapse. Rly Min’s tall claims of Audit have failed time and again. Rly Min, Piyush Goyal must resign or be sacked.

वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुंबई ब्रिज हादसे के शिकार लोगों के प्रति संवेदना जताई है। साथ ही पीएम मोदी और बीजेपी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट किया कि मुंबई में पुल गिरने से हताहत हुए लोगों के प्रति गहरी संवेदना।मुंबई में पुल गिरने की बड़ी दुर्घटनाएं लगातार हो रहीं हैं। ये बुलेट ट्रेन वाली सरकार की नाकामी है, वो पुलों के सेफ़्टी ऑडिट को गंभीरता से नहीं ले रही है। शायद भाजपा के लिए आम जनता की ज़िंदगी का कोई मोल नहीं है.

Akhilesh Yadav ✔

@yadavakhilesh

मुंबई में पुल गिरने से हताहत हुए लोगों के प्रति हार्दिक संवेदना. मुंबई में पुल गिरने की बड़ी दुर्घटनाएं लगातार हो रहीं हैं. ये बुलेट ट्रेन वाली सरकार की नाकामी है, वो पुलों के सेफ़्टी ऑडिट को गंभीरता से नहीं ले रही है. शायद भाजपा के लिए आम जनता की ज़िंदगी का कोई मोल नहीं है.

AIMIM के विधायक वारिस पठान ने इस दर्दनाक घटना के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। पठान ने कहा कि सरकार कई महीनों से नजरअंदाज कर रही है। यह हादसा लापरवाही के चलते हुआ है। इस ब्रिज की मरम्मत कराने के लिए कई बार अपील की गई, लेकिन हमारी अपील को नजरअंदाज किया गया।