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नई दिल्ली। 

राहुल भेके के 116वें मिनट में किए गए शानदार गोल की मदद से बेंगलुरू एफसी ने मुंबई फुटबॉल एरेना में खेले गए खिताबी मुकाबले में एफसी गोवा को 1-0 से हराकर हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के पांचवें सीजन का खिताब जीत लिया. बेंगलुरू ने पहली बार यह खिताब जीता है.

राहुल ने डिमास डेल्गाडो द्वारा लिए गए कॉर्नर पर गोल करते हुए बेंगलुरू को चैंपियन बनाया. बेंगलुरू की टीम लगातार दूसरे साल फाइनल में पहुंची थी. बीते साल उसे चेन्नइयन एफसी के हाथों हार मिली थी. दूसरी ओर, एफसी गोवा दूसरी बार फाइलन में पहुंचकर खिताब से महरूम रह गई. उसे भी 2015 में फाइनल में चेन्नई के हाथों हार मिली थी.

अहमद जाहो को अतिरिक्त समय के पहले हाफ से ठीक पहले दूसरा पीला कार्ड दिखाए जाने के कारण गोवा की टीम 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने को मजबूर थी और इसी का फायदा उठाकर बेंगलुरू ने विजयी गोल दागते हुए खिताब अपने नाम किया. इस सीजन में बेंगलुरू की गोवा पर यह लगातार तीसरी जीत है.

बहरहाल पहला हाफ गोलरहित बराबरी पर समाप्त हुआ. इक्के-दुक्के मौकों को छोड़ दिया जाए तो कोई भी टीम बड़ा मौका नहीं बना सकी. बेंगलुरू ने हालांकि थोड़ा बेहतर खेल दिखाया. उसके छह शॉट्स आॅफ टारगेट रहे जबकि गोवा के तीन शॉट्स आॅफ टारगेट रहे. कोई भी टीम एक भी शॉट आॅन टारगेट नहीं कर सकी.

गुरप्रीत सिंह संधू की तुलना में गोवा के गोलकीपर नवीन कुमार को निश्चित तौर पर अधिक मेहनत करनी पड़ी लेकिन वह अपनी टीम के पोस्ट को बचाने में सफल रहे. मीकू को छठे मिनट में गोल से महरूम करना पहला हाफ में नवीन की सबसे बड़ी सफलता रही.

मंडार राव को जाना पड़ा बाहर

गोवा के लिए हालांकि इस हाफ में एक बुरी घटना हुई. हैमस्ट्रींग के कारण कप्तान मंडार राव देसाई को 45वें मिनट में बाहर जाना पड़ा. उनकी जगह सेवियोर गामा ने ली. इस हाफ का एकमात्र पीला कार्ड गोवा के मोउतोर्दा फाल को 39वें मिनट में मिला. दूसरे हाफ की आक्रामक शुरुआत हुई. 47वें मिनट में गोवा के अहमद जाहो और 51वें मिनट में बेंगलुरू के अलेजांद्रो गार्सिया का पीला कार्ड मिला. 58वें और 59वें मिनट में गोवा ने दो अच्छे मूव बनाए लेकिन उसे सफलता नहीं मिल सकी.

62वें मिनट में बेंगलुरू के डिमास डेल्गाडो को पीला कार्ड मिला. 70वें मिनट में बेंगलुरू ने पहला बदलाव करते हुए एलेजांद्रो गार्सिया को बाहर कर लुइस लोपेज को अंदर लिया. दूसरे हाफ में गोवा ने बेहतर खेल दिखाया. शुरुआती 25 मिनट में उसने तीन शॉट्स आॅन टारगेट हासिल किया और उसका बॉल पजेशन भी बेहतर हुआ.

मौके पर चूकी बेंगलुरू

इन तमाम आंकड़ों के बीच बेंगलुरू ने कोशिश जारी रखी और 81वें मिनट में वह बढ़त के गोल के काफी करीब जाकर उससे महरूम रह गया. उदांता के क्रॉस को कप्तान छेत्री ने सीने से रोका और गेंद फॉल के पास गिरी. फॉल उसे ठीक से क्लीयर नहीं कर सके और वहां पहुंचे मीकू ने उसे पोस्ट के दाएं कोने में डालना चाहा लेकिन गेंद क्रॉसबार से टराकर लौट गई और लेनी ने उसे क्लीयर कर दिया.

इंजुरी टाइम में मीकू एक बार फिर गोल के करीब थे लेकिन फॉल ने गेंद को अपने चेहरे पर लेकर उसे दिशाहीन कर दिया. इस तरह यह मैच निर्धारित समय में 0-0 की बराबरी पर समाप्त हुआ.

पेनाल्टी शूटआउट में मुकाबला खिंचने ने रोका

अतिरिक्त समय मे दोनों टीमें थकी हुई नजर आईं. दोनों ने मौके बनाने चाहे लेकिन शुरुअती 15 मिनट में ऐसा होता नही दिखा. इसी बीच 105वें मिनट में मीकू पर गलत तरीके से प्रहार करने के कारण जाहो को पीला कार्ड मिला और वह मैदान से बाहर जाने को मजबूर हुए. अब गोवा को 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना था. मीकू को भी पीला कार्ड मिला लेकिन वह मैदान पर बने रहे. इस तरह अतिरिक्त समय का पहला हाफ समाप्त हुआ. दूसरे हाफ में गोवा ने जैकीचंद को बाहर कर महावीर सिंह को अंदर लिया. 112वें मिनट में बेंगलुरू ने दो बदलाव किए. उदांता और नीशू बाहर गए जबकि कीन लेविस और बोईथांग हाओकिप अंदर आए.

ऐसा लग रहा था कि मैच पेनाल्टी शूटआउट तक खिंच जाएगा लेकिन इसी बीच 116वें मिनट में भेके ने एक सटीक हेडर के जरिए गोल करते हुए बेंगलुरू का खाता खोल दिया और अपने प्रशंसकों को झूमने का मौका दिया. दूसरी ओर इस मैच में काफी अच्छा खेल रही गोवा की टीम की किस्मत ने उसका साथ नहीं दिया और वह एक बार फिर खिताब से दूर रह गई.