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बांदा। 

बहुमंजिला इमारत में बने फर्नीचर के शो रूम में कल लगी आग से भले ही करोड़ों का नुकसान हो गया, लेकिन एक कुत्ता की वफादारी भी सामने आ गई। 

नीचे की मंजिल में शार्ट सर्किट के कारण आग लगने पर कुत्ता ने जोर-जोर से भोंकना शुरू किया। इसके बाद करीब 35-36 लोग तीन मंजिला इमारत से बाहर आ गए। गैस सिलेंडर में विस्फोट के कारण आग इतनी बढ़ गई कि कुत्ता उसी में झुलसकर मर गया। अब कुत्ता की वफादारी की चर्चा पूरे क्षेत्र में है।  

बांदा जिले के अतर्रा कस्बे में लखन कॉलोनी की बीच बस्ती में फर्नीचर एवं ग्लास कंपनी के बेसमेंट में शार्ट-सार्किट से आग लग गई। लपटों ने शोरूम में रखा पूरा सामान सहित पांच घरों की गृहस्थी जलकर खाक हो गई। जोरदार आवाज के साथ सिलेंडर फटने से लपटों ने विकराल रूप ले लिया। भीषण अग्निकांड पर काबू पाने के लिए जनपद के अलावा अन्य जिलों के कई दमकल गाडिय़ां बुलानी पड़ीं। 13 घंटे बाद भी आग पूरी तरह शांत नहीं हो सकी। धधक रहे बेसमेंट की लपटों को शांत करने का प्रयास किया जा रहा है। बहुमंजिला इमारत के फर्नीचर शो रूम में मध्य रात्रि बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगी आग से करीब पांच करोड़ रुपये का सामान जलकर राख हो गया। आग की वजह से गैस सिलिंडर में हुए विस्फोट से पड़ोस के चार पक्के मकान भी ध्वस्त हो गए हैं। शोरूम मालिक के पालतू कुत्ते ने भौंक कर 35 लोगों की जान बचा दी, मगर वह खुद मारा गया।

 

फर्नीचर शोरूम मालिक राकेश चौरसिया ने बताया कि फर्नीचर का शोरूम वह अपने निजी बहुमंजिला इमारत में चला रहे थे। बिजली के शॉर्ट सर्किट से उस समय आग लगी, जब सभी लोग गहरी नींद में थे। आग लगने के बाद पालतू कुत्ते ने भौंकना शुरू किया, जिससे सभी की नींद खुली और पड़ोसियों सहित करीब 35 लोग बाहर निकल आए, लेकिन बंधा होने की वजह से कुत्ता झुलस गया और उसकी मौत हो गई।

 उन्होंने बताया कि इसी बीच मकान में रखे घरेलू गैस सिलिंडर में विस्फोट हो गया, जिससे पड़ोस के चार पक्के मकान भी ध्वस्त हो गए हैं। अतर्रा कस्बे के लखन कालोनी निवासी राकेश गुप्ता का मकान के नीचे फर्नीचर एवं ग्लास का कारोबार है। गुरुवार रात साढ़े 11 बजे वह परिवार के साथ अपने तीन मंजिल मकान में ऊपरी खंड में सो रहे थे। नीचे बेसमेंट के कारखाने में शार्ट-सर्किट से आग लग गई। इससे वहां सो रहे मिस्त्री नफीस व बच्चा निवासी मौदहा हमीरपुर ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। उनके शोर मचाने पर जब तक राकेश और उनका परिवार जागा, तब तक नीचे की ओर पूरी तरह आग फैल चुकी थी।

बाहर निकलने का रास्ता न बचने पर वह किसी तरह पड़ोसी सियाराम गुप्ता की छत से कूद कर बाहर निकले। इस बीच बेसमेंट सहित पूरे मकान में आग फैल चुकी थी। पड़ोसियों ने आग बुझाने का प्रयास करने के साथ दमकल को सूचना दी। काफी देर बाद एक दमकल पहुंची। आग का विकराल रूप देखकर बांदा के अलावा महोबा व चित्रकूट से सात दमकल वाहनों को बुलाया गया। देखते ही देखते पड़ोसी शिव कुमार गुप्ता का मकान भी जलकर खाक हो गया। इसके बाद लपटें पड़ोसी सियाराम गुप्ता, ओमप्रकाश चौरसिया, व रमेश वर्मा के मकानों में भी पहुंच गईं। उनकी भी गृहस्थी जलने लगी। 

व्यवसायी राकेश के मकान में रखा सिलेंडर भी जोरदार आवाज के साथ फट गया। इससे मकान की छत भी आग की लपटों के साथ गिर गई। दोपहर तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका था। सूचना पर एसडीएम सौरभ शुक्ला, सीओ अलोक मिश्रा भी पहुंचे। अधिकारियों ने पीडि़तों को आर्थिक मदद दिलाए जाने का आश्वासन दिया है।

लकड़ी होने से विकराल हुई आग 

बेसमेंट में बने कारखाने में रखे सोफा, बेड, मेज कुर्सियां, फ्रिज, कूलर, अलमारी आदि जलकर खाक हो गया। दमकल विभाग के मुताबिक लकड़ी के सामान की वजह से आग ने इतनी जल्दी विकराल रूप ले लिया।

बंधे कुत्ते की जलकर मौत  

राकेश गुप्ता का पालतू कुत्ता घर के अंदर बंधा था। आग चारों ओर फैलने से उसकी ओर किसी का ध्यान नहीं जा पाया। बंधे होने की वजह से खुद बाहर न निकल पाने पर उसकी जलकर मौत हो गई।

पुलिस में प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी 

अतर्रा तहसीलदार सुशील सिंह ने बताया कि यह शोरूम बिना पंजीयन के रिहायशी बहुमंजिला इमारत में चल रहा था और अब तक की जांच में आग से बचाव के कोई उपकरण नहीं पाए गए। उन्होंने बताया कि अग्निकांड में करीब पांच करोड़ रुपये का नुकसान हुआ होगा, आंकलन कराया जा रहा है। इसके साथ ही बिना पंजीयन शोरूम संचालित करने पर मालिक के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी।